अनुपात और समानुपात

कुछ परिस्थितियों में भाग द्वारा तुलना अंतर द्वारा तुलना से बेहतर सिद्ध होती है। भाग द्वारा तुलना को ही दो संख्याओं का अनुपात कहते हैं। इस अध्याय में हम अनुपात और समानुपात की संकल्पना का परिचय देंगे।

कुछ परिस्थितियों में भाग द्वारा तुलना अंतर द्वारा तुलना से बेहतर सिद्ध होती है। भाग द्वारा तुलना को ही दो संख्याओं का अनुपात कहते हैं। इस अध्याय में हम अनुपात और समानुपात की संकल्पना का परिचय देंगे।

अनुपात आपको जिंदगी में हर जगह दिखाई देंगें - खेलों में, वित्त में, चिकित्सा में, खाना पकाने में, आप जो नाम लें उसमें अनुपात होता है। इस अभ्यास में हम सीखेंगें की अनुपात क्या होता है और हम उसे कैसे प्रयोग करते हैं। अगर कोई भी दो संख्याओं की तुलना 'कितने गुणा' के रूप में हो रही हो तो उसे अनुपात कहते हैं और उसे ':' चिन्ह से दर्शाते हैं। दो राशियों की तभी तुलना की जा सकती है अगर उनके मात्रक समान हों। इस पाठ में हम अनुपातों को सरल करना सीखेंगें और कुछ मूलभूत उदाहरणों से समझेंगें की इनका प्रयोग कैसे किया जाता है।

अनुपात से संबंधित शब्द समस्याओं को हल करने का अभ्यास करें जैसे की "अगर 60 चेरी तीन केक में जाती है तो, कितनी चेरी जाएगी 9 केक में?"

दो राशियाँ समानुपातिक है या नहीं यह बताने के लिए समतुल्य अनुपातों और आलेख बनाने के बारे में सोचते हैं। अगर दो अनुपात बराबर हैं, तो हम कहे सकते हैं कि वे समानुपातिक हैं और हम ‘::’ या ‘=’ चिन्ह से दोनों अनुपातों की समिका को दर्शाते हैं। यहाँ हम एक उदाहरण देखेंगें जिसे हमें इसे समझने में आसानी होगी।

वह विधि जिसमे हम पहले एक इकाई का मान निकालते हैं और फिर जितनी इकाइयों का मान चाहिए वो निकालते हैं, वह ऐकिक विधि कहलाती है। इस प्रकरण में हम अनुपातों की समस्याओं को हल करने के लिए ऐकिक विधि का प्रयोग करना सीखेंगे।