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वीडियो की प्रतिलिपि
गुणन का साहचर्य क़ानून का प्रयोग करो लिखने के लिए-- यहाँ उनके पास है कोष्ठक में 12 गुना 3, और फिर वो इसे 10 से गुना करना चाहते है-- अलग तरीके से. दोनो समीकरण को हल करो यह दिखाने की लिए की जवाब एक जैसा है उन्होने इसे जैसे लिखा था-- मुझे दोबारा लिखने दो. तो उनके पास है 12 गुना 3 कोष्ठक में, और उन्होने इसे फिर 10 से गुना किया. जब कुछ कोष्ठक में हो तो इसका मतलब इसे पहले करना है, तो आओ 12 गुना 3 पहले करे. अब, 12 गुना 3 क्या है? यह है 36. तो यह आया 36, और अभी हमे इसे 10 गुना करना है. हम तरीका जानते है. हम जब किसी को दस की घात से गुना करता है, हमे बस उतने 0 लगाने है जितने इसके पीछे होते है, तो यह होगा 360. यह बराबर होगा 360. अब, गुणन का साहचर्य क़ानून, फिर से, यह एक अच्छी चीज़ लगती है. इस सब का मतलब है की हम कैसे लिखते है या कोष्ठक लगते है, इसका कोई फ़र्क नही पड़ता, हमे एक जैसा जवाब मिलेगा, तो मुझे एक बार फिर लिखने दो. यदि हमे करना होता 12 गुना 3 गुना 10, यदि हम इसे बिना कोष्ठक के लिखे, यदि हम बायें से दायें जाए, यह एकदम वही होगा जो हमने यहाँ बायें किया. लेकिन गुणन का साहचर्य क़ानून कहता है, आप जानते हो? हम पहले 3 गुना 10 कर सकते है और फिर 12 गुना करे, और हमे बिल्कुल वही जवाब मिलेगा जो 12 गुना 3 और फिर गुना 10 करने के बाद मिला. आओ एक बार खुद देखे. 3 गुना 10 है 30, और अभी हमे 12 गुना करना है इसे. अब, 12 गुना 30 क्या है? हम इसे पहले कई बार देख चुके है. आप इसे देख सकते हो 12 गुना 3, जो है 36, लेकिन अभी 0 है हमारे पास. तो यह बराबर है 360. तो यह मायने नही रखता की हम गुना कैसे लिखते है. आप पहले 12 गुना 3 कर सकते हो या आप पहले 3 गुना 10 पहले कर सकते हो, दोनो से 360 मिलेगा.